स्वर्गीय सुश्री पूनम हांसदा : एक समर्पित कर्मी एवं कर्मी आंदोलन की सशक्त साथी

दिनांक 29 नवम्बर 2025 को अनुमंडल कार्यालय, गोड्डा में कार्यरत सुश्री पूनम हांसदा, लिपिक, का इलाज के दौरान असामयिक निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही गोड्डा जिले के समस्त सरकारी कर्मियों एवं कर्मचारी संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके असमय चले जाने से न केवल उनके परिवार, बल्कि समूचे कर्मचारी समाज ने एक कर्मठ, संवेदनशील और समर्पित साथी को खो दिया।
स्वर्गीय पूनम हांसदा एक कुशल, कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार कर्मी थीं। वे अपने सौम्य स्वभाव, सरल व्यक्तित्व और व्यवहारकुशलता के कारण सभी की प्रिय थीं। वे जब भी अपने सहकर्मियों से मिलती थीं, सदैव मुस्कुराकर उनका अभिवादन करती थीं, चाहे स्वयं कितनी भी कठिन परिस्थितियों से क्यों न गुजर रही हों। उनका यही आत्मीय व्यवहार और सकारात्मक व्यक्तित्व उन्हें बहुत कम समय में अपने साथियों के बीच लोकप्रिय एवं सम्मानित बना गया।
वे केवल एक दक्ष कार्यालय कर्मी ही नहीं थीं, बल्कि कर्मचारी आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभा रही थीं। वर्तमान में वे समाहरणालय संवर्ग की नेत्री तथा झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की प्रमंडलीय कार्यकारिणी समिति की सदस्य थीं। कर्मचारी हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, संगठन के प्रति उनकी निष्ठा तथा साथियों के प्रति उनका आत्मीय लगाव सदैव स्मरणीय रहेगा।
उनके निधन पर अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ (AISGEF) के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड ए. श्रीकुमार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने संगठन के साथियों से आह्वान किया कि वे शोकाकुल परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहें तथा इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग प्रदान करें।
स्वर्गीय पूनम हांसदा पिछले लगभग तीन महीनों से गंभीर रूप से अस्वस्थ थीं। उनके परिजन उनका उपचार भागलपुर स्थित एक निजी चिकित्सालय में करा रहे थे, किंतु अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। उपचार का बढ़ता खर्च परिवार की आर्थिक क्षमता से बाहर होता जा रहा था। ऐसी विषम परिस्थिति में झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ, जिला इकाई, गोड्डा के आह्वान पर साथियों ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग एकत्र किया, ताकि उनका बेहतर उपचार कराया जा सके। इसके बाद उन्हें उपचार हेतु रिम्स, रांची भेजा गया, किंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था। उपचार के दौरान ही 29 नवम्बर 2025 को उनके निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ, जिसने पूरे कर्मचारी समाज को स्तब्ध कर दिया।
महज़ 30 वर्ष की आयु में उनका इस संसार से विदा हो जाना अत्यंत पीड़ादायक एवं अपूरणीय क्षति है। वे अविवाहित थीं और उनके जीवन के अनेक सपने अभी अधूरे थे। उनका असामयिक निधन गोड्डा जिला कर्मचारी संगठन तथा झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के लिए एक गहरा आघात है। संगठन ने एक ऐसी कर्मठ, ईमानदार, संघर्षशील और समर्पित कॉमरेड को खो दिया है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव प्रतीत नहीं होती।
स्वर्गीय पूनम हांसदा की सादगी, कर्मनिष्ठा, संगठन के प्रति समर्पण और सदैव मुस्कुराते रहने का उनका स्वभाव उन्हें उनके सहकर्मियों और साथियों की स्मृतियों में सदैव जीवित रखेगा। कर्मचारी आंदोलन में उनके योगदान को सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों, मित्रों एवं सहकर्मियों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
