गोड्डा जिला : इतिहास, गठन एवं विकास यात्रा

गोड्डा जिला का गठन वर्ष 1983 में तत्कालीन अविभाजित संथाल परगना जिला से विभाजित कर किया गया था। उसी वर्ष तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र के नेतृत्व में संथाल परगना से चार नए जिलों—दुमका, देवघर, साहिबगंज एवं गोड्डा—का सृजन किया गया। अपने स्थापना दिवस 25 मई 2026 को गोड्डा जिले ने अपनी विकास यात्रा के 43 वर्ष पूर्ण कर लिए। वर्तमान में जिले के 56वें उपायुक्त के रूप में श्री लोकेश मिश्रा ने हाल ही में अपना पदभार ग्रहण किया है।
गोड्डा का इतिहास 30 जून 1855 को प्रारंभ हुए ऐतिहासिक संथाल हूल से गहराई से जुड़ा हुआ है। इस महान जनविद्रोह के उपरांत प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत भागलपुर एवं वीरभूम जिलों के कुछ क्षेत्रों को पृथक कर संथाल परगना जिला का गठन किया गया, जिसमें गोड्डा को अनुमंडल का दर्जा प्रदान किया गया।
उस समय गोड्डा अनुमंडल के अंतर्गत केवल सात प्रखंड थे—गोड्डा, पथरगामा, पोड़ैयाहाट, महगामा, मेहरमा, सुंदरपहाड़ी तथा बोआरीजोर। उस अवधि में गोड्डा अनुमंडल की कुल जनसंख्या लगभग दो लाख थी। समय के साथ जनसंख्या में निरंतर वृद्धि हुई। 1961 की जनगणना के अनुसार इसकी आबादी लगभग 4.96 लाख, 1971 में लगभग 6 लाख तथा 1981 में लगभग 7.13 लाख हो गई। अर्थात, जब वर्ष 1983 में गोड्डा को जिला घोषित किया गया, तब इसकी अनुमानित जनसंख्या लगभग साढ़े सात लाख थी।
इसके पश्चात जिले का निरंतर विस्तार एवं विकास होता रहा। 1991 की जनगणना में जिले की जनसंख्या लगभग 8.61 लाख, 2001 में 10.47 लाख, 2011 में 13.13 लाख दर्ज की गई। वर्तमान समय में गोड्डा जिले की अनुमानित जनसंख्या लगभग 16.25 लाख है, जो जिले के तीव्र सामाजिक एवं आर्थिक विकास का संकेत देती है।
वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार गोड्डा जिले में दो अनुमंडल हैं—गोड्डा सदर एवं महगामा। जिले में कुल नौ प्रखंड-सह-अंचल हैं। इनमें गोड्डा, पथरगामा, बसंतराय, पोड़ैयाहाट तथा सुंदरपहाड़ी गोड्डा सदर अनुमंडल के अंतर्गत आते हैं, जबकि महगामा, मेहरमा, ठाकुरगंगटी एवं बोआरीजोर महगामा अनुमंडल के अधीन हैं।
गोड्डा जिला अपने गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा निरंतर प्रगति की यात्रा के कारण संथाल परगना प्रमंडल का एक महत्वपूर्ण जिला माना जाता है। प्रशासनिक विस्तार, जनसंख्या वृद्धि तथा विकासात्मक गतिविधियों के साथ यह जिला आज झारखंड के प्रमुख उभरते हुए जिलों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है।
